रजनीकांत का मोह हुआ भंग! छोड़ दी राजनीति, बोले- मैं अब सियासत से दूर रहूंगा, पार्टी को किया बंद

रजनीकांत ने राजनीति छोड़ने का किया एलान

साउथ के सुपर स्टार से राजनीति का सफर तय करने वाले रजनीकांत आज काफी सुर्ख़ियों में हैं. दरअसल कुछ साल पहले खुद राजनीति में आने का एलान करने वाले रजनीकांत (Rajnikant Left Politics) ने आज राजनीति त्यागने का एलान कर दिया। जी हां यानी अभी चुनाव भी नहीं लड़ा था कि, उससे पहले ही उनका मोह भंग हो गया. उन्होंने अपनी पार्टी भी बंद कर दी और कहा कि, अब वह कभी भी राजनीति की ओर नहीं देखेंगे। रजनी के इस एलान से उनके फैन्स को काफी हैरानी हो रही है. तो वहीं सोशल मीडिया पर इसको लेकर एक नई चर्चा ही शुरू हो गई है.

गौरतलब है कि, रजनीकांत साऊथ के सुपरस्टार हैं. वह भले ही 70 साल के हो चुके हैं लेकिन साऊथ में उनकी आज भी जबरदस्त फैन फॉलोविंग है. ऐसे में रजनी ने कुछ साल पहले अपने नए सफर की शुरुआत करने का एलान किया था. उन्होंने अपनी एक पार्टी का निर्माण भी कर दिया था. बीते साल चुनाव में उतरने की बात भी कही थी, लेकिन अब उन्होंने कहा है कि वो राजनीति में अब कदम नहीं रखेंगे.

राजनीति छोड़ने के पीछे रजनी ने बताई यह बड़ी वजह

राजनीति छोड़ने के पीछे रजनी ने बताई यह बड़ी वजह
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जी हां रजनीकांत ने अपनी ‘रजनी मक्कल मंद्रम’ पार्टी को खत्म कर दिया है. उन्होंने एक स्टेटमंट जारी कर इस बात की जानकारी दी. रजनीकांत ने कहा, ”भविष्य में राजनीति में आने की मेरी कोई योजना नहीं है. मैं राजनीति में कदम नहीं रखने वाला हूं.” रजनीकांत ने कहा, “.यह मंच अब कल्याणकारी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए रजनी रसीगर नरपानी मंदरम के रूप में कार्य करेगा।

पार्टी खत्म करने के बाद रजनीकांत ने बताया है कि ये संगठन अब रजनी रसीगर नरपानी मंदराम के नाम से जनता की भलाई के लिए काम करेगा. रजनीकांत ने अपने बयान में कहा, “हमने रजनी मक्कल मंदरम को रजनी रसीगर मंदरम में बदल दिया है. मैने राजनीति में आने का फैसला किया था तो पूरे राज्य में कई पदों और समूहों का निर्माण किया था. लेकिन अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण, हम वह हासिल नहीं कर पाए जो हम चाहते थे। मेरी भविष्य में राजनीति में आने की कोई योजना नहीं है। अत: मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि रजनी मक्कल मंदरम भंग कर दिया जाएगा और यह पहले की तरह कल्याणकारी गतिविधियों को करने के लिए रजनी रसीगर मंदरम के रूप में कार्य करता रहेगा।”

बताया जा रहा है कि, रजनीकांत ने ये फैसला ‘रजनी मक्कल मंद्रम’ पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बातचीत करने के बाद लिया है. रजनीकांत ने अपने प्रशंसकों के साथ भी बैठक की है.

खुद कही थी पार्टी को लांच करने की बात

जानकारी के लिए बता दें कि, दिसबंर 2020 में रजनीकांत ने खुद कहा था कि वह जनवरी 2021 में पार्टी लॉन्च करेंगे. यह सब तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले होना था. लेकिन दिसंबर के आखिरी हफ्ते में रजनीकांत ने यू-टर्न लिया और कहा कि वह राजनीति में शामिल नहीं होंगे. उसके बाद रजनीकांत के संगठन के कई सदस्यों ने DMK समेत अन्य पार्टियों को ज्वाइन कर लिया था.

4 साल पहले राजनीति में किया था प्रवेश?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2017 में, रजनीकांत ने घोषणा की कि वह राजनीति में प्रवेश करेंगे। तब से, उन्होंने आरएमएम पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें कीं और अक्सर राजनीतिक विकास और तमिलनाडु के आसपास के अन्य मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

रजनीकांत का राजनीति से मोह हुआ भंग
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3 दिसंबर, 2020 को रजनीकांत ने कहा कि वह चुनाव लड़ने के लिए जनवरी में एक पार्टी शुरू करेंगे और इसकी घोषणा 31 दिसंबर को की जाएगी। हालांकि, 29 दिसंबर, 2020 को, अभिनेता ने यह घोषणा की कि वह चुनावी मैदान में नहीं उतर सकेंगे इसके पीछे उनके स्वास्थ्य और महा’मा’री को कारण बताया गया। पिछले साल खराब स्वास्थ्य के चलते दक्षिण के मशहूर स्टार ने राजनीति से दूरी बना ली थी और आज अपने राजनीतिक सफर को विराम दे दिया है।