आर्यन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई शिवसेना, कहा- NCB की मंशा सही नहीं! जांच की जाए..

आर्यन के बचाव में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे शिवसेना मंत्री

आर्यन खान मामले को लेकर महाराष्ट्र में सियासी हल’चल काफी तेज हो चुकी है. एनसीपी नेता नवाब मलिक ने तो एनसीबी की कार्रवाई पर कई बड़े सवाल खड़े किये हैं. साथ ही उन्होंने इस मामले को लेकर भाजपा को भी निशाने पर लिया और कई आरोप लगाए। अभी यह मामला थमा ही नहीं था कि, अब शिवसेना भी आर्यन के बचाव में मैदान में कूद गई है. जी हां ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना के एक मंत्री ने आर्यन मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी. इस खबर के सामने आने के बाद देश भर में सियासी बयानबाजी तेज होती नजर आने वाली है.

जाहिर है नवाब मलिक ने एनसीबी पर कई गं’भीर आरोप लगाए हैं. वह एक के बाद एक कई खुलासे भी करते नजर आ रहे हैं जो कई सवाल खड़े कर रहा है.

आर्यन के जेल जाने से शाहरुख़ को हुआ करोड़ों का नुकसान

तो इस बीच अब शिवसेना के एक नेता ने सुप्रीम कोर्ट से NCB के मामलों और शाहरुख खान के बेटे आर्यन के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की जांच कराने का आदेश देने का अनुरोध किया है.

जी हां रिपोर्ट्स के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त किशोर तिवारी ने इस बाबत संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत याचिका दायर की है. बताया जा रहा है कि, शिवसेना नेता तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है.

यही नहीं तिवारी ने अपनी याचिका में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) दो साल से ‘दुर्भावनापूर्ण उद्देश्यों’ को लेकर ‘पक्षपातपूर्ण’ तरीके से फिल्मी हस्तियों को परेशान कर रही है. उन्होंने ने तो एनसीबी पर मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगा दिया है. तिवारी ने कहा है, ‘अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के सभी मामलों में संज्ञान लेने और हस्तक्षेप करने का पूरा अधिकार है. यह सविंधान के भाग 3 में लिखा है और NCB अब मौलिक अधिकारों का उल्लंघन कर रही है.

जानकारी के लिए बता दें कि, मुंबई की विशेष NDPS कोर्ट द्वारा आर्यन खान और अन्य आरो’पियों की जमानत याचिका पर 20 अक्टूबर को फैसला होना है.

आर्यन खान की गिरफ्तारी

इतने दिनों तक सुनवाई टालने को लेकर शिवसेना नेता ने अपनी याचिका में कहा है कि, इससे आरोपी का बड़ा अपमान हुआ है. उसे गैर लोकतांत्रिक तरीके से और अवै’ध रूप से 17 रातों से जेल में रखा गया है. यह संविधान में निहित जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार की पूरी तरह से अवहेलना है.’

यही नहीं तिवारी ने NCB और उसके अधिकारियों पर चुनिंदा बॉलीवुड सेलेब्स को नि’शा’ना बनाकर ‘बद’ला लेने’ का आरोप लगाया है. साथ ही NCB और उसके रीजनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की भूमिका की जांच की मांग की है.

आर्यन ने समीर वानखेड़े से किया ड्रग्स छोड़ने का वादा
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उन्होंने कहा, वानखेड़े की पत्नी फेमस मराठी एक्ट्रेस हैं. जो बॉलीवुड में बड़ा काम करने की कोशिश कर रही है और इसीलिए फिल्म इंडस्ट्री के केवल कुछ बड़े नामों, उनके परिवारों को ही NCB टारगेट कर जांच कर रही है.